मुंबई के उपनगर अँधेरी मेट्रोपोलिटन कोर्ट के वकील फिरोज शेख का एक ऑडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। घटनाक्रम के अनुसार वकील आदित्य मिश्रा एक मुसलमान महिला आरोपी का केस देख रहे हैं। यह बात फिरोज शेख को हज़म नहीं हो रही है। फिरोज शेख ने महिला आरोपी को फोन किया और आदित्य मिश्रा के बारे में बताया कि वो भइया है। गांव से आया है। उसको कुछ आता-जाता नहीं है। फिर फिरोज शेख ने अपने बारे में बताया कि उनका नाम फिरोज शेख है। वे ‘लीगल ऐड’ वाले हैं। वे उसका केस फ्री में लड़ेंगे। फिर फिरोज शेख ने अपनी पहचान बतायी- वे मुसलमान हैं। लेकिन फिरोज़ शेख यहाँ भी घोटाला कर गया। उसका असली नाम मस्तान वली शेख है। वह फ़िरोज शेख के नाम से सबको फ़ोन करता है। क्लाइंट फँस गया तो अपना असली नाम मस्तान वली शेख़ बताता है।
फिरोज शेख की ‘मुसलमान-हिन्दू, मुसलमान-हिन्दू’ करने की मानसिकता से अँधेरी कोर्ट के सम्मानित वकील आहत हैं। बड़े वकील डिमांड करने वाले हैं कि फिरोज शेख की ‘लीगल ऐड’ कंपनी की खुफिया जांच हो। मुसलमान ही सब जगह ‘हिन्दू-मुसलमान, हिन्दू-मुसलमान’ करते हैं। और आरोप हिन्दुओं पर लगा देते हैं।
मुंबई में ही माझगांव सिविल एवं सत्र न्यायालय का अतिरिक्त न्यायाधीश एजाजुद्दीन सलाउद्दीन काजी 25 लाख रुपये रिश्वत मांगने के आरोप में फरार है।
कल्याण सत्र न्यायालय का न्यायाधीश एस. जी. इनामदार भी खुफिया एजेंसियों के राडार पर है। एस. जी. इनामदार भी वकील फिरोज शेख की तरह मुसलमान आरोपियों का फेवर करता है। एस. जी. इनामदार ने डकैती के एक आरोपी को मात्र 5,000 रुपये में जमानत दे दी। कल्याण कोर्ट के एक APP ने ABI (अकेला ब्यूरो ऑफ़ इंवेस्टिगेशन) से दुःख जताते हुए कहा कि एस. जी. इनामदार ने उस ‘डकैत’ का फेवर इसलिए किया क्योंकि वह मुसलमान था।
